कभी पाकिस्तान का बेहद खतरनाक बल्लेबाज था ये खिलाड़ी, एक दर्दनाक हादसे ने बदल दी जिंदगी

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर आज 50 बरस के हो गयें है. 6 सितंबर को कराची में जन्में सईद अनवर का क्रिकेट करियर बेहद दिलचस्प रहा है, इन्होने कई शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किए है. मैदान पर गेंदबाजो की धुलाई करने में माहिर रहे अनवर की जिंदगी एक दर्दनाक घटना के बाद पूरी तरह से बदल गई.
इंजीनियर से बने थे क्रिकेटर
क्रिकेट के मैदान पर सईद अनवर ने कई नायाब पारी खेलकर पाकिस्तान टीम को जीत दिलाई है. लेकिन बहुत कम लोग ही जानते होगें की वह क्रिकेटर बनने से पहले एक इंजीनियर रह चुके है. अनवर ने 1989 में कराची की NED यूनिवसिर्टी आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से कम्प्यूटर सिस्टम में इंजीनिरिंग की है. हांलकी वे साल पाक क्रिकेट टीम में शामिल हो गये थे.
1996 में की शादी
अनवर ने मार्च 1996 में उन्होने अपनी एक कज़िन लुबना से शादी की, जो की पेशे से एक डॉक्टर है. इनकी एक बेटी हुई जिसका नाम था बिस्माह. अनवर के हंसते खेलते इस परिवार पर उस वक्त पहाड़ टूट पड़ा जब अगस्त 2001 मे एक रहस्मयी बीमारी ने चार वर्षीय बिस्माह को उनसे हमेशा के लिए दूर छिन लिया.

बेटी के गम में छोड़ दिया क्रिकेट
इस हादसे के समय अनवर टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान बांग्लादेश में खेल रहें थे, खबर मिलते ही वे तुरंत लाहौर लौट आंए. बेटी की मौत के गम में अनवर भावनात्मक रूप से टूट गए थे उन्होने क्रिकेट से दूरी बना ली और खुदा की बंदिगी में रम गए.
जब फैंस भी नहीं पहचान पायें
2003 में दो साल बाद जब वह मैदान पर लौटे तो क्रिकेट फैन्स उन्हें पहचान भी नहीं पाए. क्लीनशेव रहने वाले अनवर बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ मैदान पर दिखाई देने लगे. वह 2003 विश्वकप में खेले, इस दौरान उन्होने भारत के खिलाफ सेंचुरी भी लगाई. लेकिन उनके खेल में वह बात नहीं रही थी, जिसके चलते उन्होने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. और वह पूरी तरह से मज़हबी हो गये.
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