3 मौके पर जब कोहली के गलत फैसले के कारण भारत ने टेस्ट में गँवा दिया मैच

विराट कोहली जितने शानदार बल्लेबाज है उतने सफल कप्तान भी. उनकी गिनती दुनिया के चतुर कप्तानो में होती है. 2014 से वह टेस्ट में लगातार कप्तानी करते नज़र आ रहें है. उनकी कप्तानी में जीत का प्रतिशत बढा है. लेकिन कई मौके ऐसे भी आएं है जब उनकी कप्तानी को लेकर भी आलोचनाएं हुई है. इसका मुख्य कारण रहा है कोहली के चौकोन वाले निर्णय. कोहली के ऐसे ही फैसले कई बार टीम के लिए महंगे साबित हुए है.
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया,(2017)
भारत और आॅस्ट्रेलिया के बीच सीरीज़ का पहला मैच पुणे में खेला गया था. इस मुकाबले में कोहली ने एक बेहद आश्चर्यजनक निर्णय लिया उन्होने बल्लेबाज करुण नायर की जगह जयंत यादव को तीसरे स्पिनर के रूप में खिलाने का फैसला किया. जबकि स्थिति यह थी की मैच में एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने की जरूरत थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में भारतीय टीम की पहली पारी 105 रन तो वहीं दूसरी पारी 107 रन पर ही सिमट गई और टीम इंडिया को इस मुकाबले में 333 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा.
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका,(2018)
इसी साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई टीम इंडिया को केपटाउन टेस्ट में 72 रन से हार का मुंह देखना पड़ा था. इस मैच में कोहली ने आजिंक्य रहाणे के स्थान पर रोहित शर्मा को मौका दिया था. टेस्ट मैचों में बतौर उप-कप्तान नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने वाले अजिंक्य रहाणे की जगह रोहित शर्मा को टीम में जगह तो मिली लेकिन वह कुछ कमाल नहीं दिखा सके. रोहित इस मैच में 10 और 11 रन समेत कुल 21 रन बनाकर आउट हो गये.
भारत बनाम इंग्लैंड,(2018)
मौजदूा सीरीज़ के पहले मैच में भी कोहली के खराब टीम चयन का नमूना देखने को मिला. ऐजबेस्टन में खेले गए पहले मुकाबले में कोहली ने तीसरे नम्बर के लिए चेतेश्वर पुजारा के स्थान पर लोकेश राहुल को टीम में शामिल किया. जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा, और राहुल ने इस मैच में 4 और 13 रन बनाए. आखिर में इस मैच में भारत को 31 रन से हार का सामना करना पड़ा.
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