जब सुनील गावस्कर ने खेली वनडे इतिहास की सबसे खराब पारी, 174 गेंद खेलकर बनाये थे मात्र 36 रन
जरा सोचिए, अगर किसी टीम को 334 रन का लक्ष्य मिले वो भी 60 ओवर्स में तो बल्लेबाजों की रणनीति क्या होगी. जाहिर है हर टीम की रणनिति शूरू से ही आक्रमक बल्लेबाजी कर तेजी से रन बटोरने की होगी. लेकिन एक महान बल्लेबाज है इस परिस्थिति में शूरू से अंत तक 60 ओवर बल्लेबाजी करने के बाद सिर्फ 36 रन बना पाया. इस दौरान गेंद 174 गेंदो का सामना किया.
07 जून 1975 प्रडेंशियल कप का पहला मैच भारत का मुकाबला मेजबान इंग्लैण्ड से था. लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गये इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज डेनिस एमिस ने 137 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत 60 ओवरों में 4 विकेट खोकर 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
इतने बड़े स्कोर का पीछा करने उतर टीम इंडिया को शूरूआत बेहद धीमी मिली. बतौर सलामी बल्लेबाज मैदान पर उतरे सुनील गावस्कर पूरे मैच में बड़े शॉट लगाने की नाकाम कोशिश करते नज़र आये. शूरू से अंत तक वे मैदान पर रहें इस दौरान उन्होने 174 गेंद खेलकर मात्र 36 रन बनाये. इंग्लिश गेंदबाजो के सामने गावस्कर इतने बेबस नज़र आए की पूरी पारी के दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक चौका निकला.
गावस्कर इस धीमी पारी के चलते टीम इंडिया 60 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर सिर्फ 132 रन ही बना सकी. और इस मैच में टीम को 202 रन के विशाल अंतर से हार का सामना करना पड़ा. गावस्कर की इस सुस्त पारी की बाद में बेहद आलोचना हुई.
गावस्कर ने अपनी आत्मकथा “सनी डेज” में यह कबूला है कि वह पारी उनके क्रिकेट करियर की सबसे घटिया पारी थी. बैटिंग करते वक्त वो चाह रहे थे कि विकेट को छोड़ दे ताकि बोल्ड हो सके और मैदान से बाहर आ जाएं लेकिन किस्मत देखिए ऐसा भी नहीं हो पाया.

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