येदियुरप्पा बतौर मुख्यमंत्री कभी नहीं कर पाये है पूरे 5 साल, इस बार भी सस्पेंस बरकरार है
कर्नाटक में सियासी खींचातान के बीच भाजपा नेता येदियुरप्पा ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. यह तीसरी बार है जब वह कर्नाटक की गद्दी पर बैठेंगे. लेकिन बतौर सीएम वह कभी अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पायें है.
27 फरवरी 1943 को मांड्या जिले के बुकानाकेरे में लिगांयत परिवार में जन्में येदियुरप्पा 1977 से राजनिति में पूर्ण रूप से सक्रिय है. इससे पहले वह वीरभद्र शास्त्री की शंकर चावल मिल में एक क्लर्क के रूप में काम किया. 1983 में वह पहली बार विधानसभा पहुचे और 2007 में सीएम बने.
पहली बार येदियुरप्पा सिर्फ 8 दिन के लिए ही सीएम बन पाये. साल 2007 में कर्नाटक में राजनितिक उलटफेर जिसके बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. ऐसे में जेडीएस और बीजेपी के बीच गठबंधन हुआ. जिसके चलते पहले कुमार स्वामी को सीएम बनाया गया. लेकिन उनके हटने के बाद 12 नवम्बर 2007 को येदियुरप्पा ने शपथ ली. हांलकी 19 नवम्बर 2007 को उन्हे इस्तीफा देना पड़ा. जिसके बाद फिर से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया.
कर्नाटक में सियासी उठापटक के बाद 2008 में विस चुनाव हुए बीजेपी ने जर्बदस्त जीत हासिल कर सरकार बनाई. और येदियुरप्पा दोबारा सीएम बने. लेकिन इस बार भी वह 5 साल पूरे नहीं कर पाएं. और घोटालो के चलते उन्हे 3 साल 2 महीने के बाद सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा.
अब येदियुरप्पा तीसरी बार कर्नाटक के सीएम बने है. उन्हे सीएम बने रहने के लिए 18 मई तक बहुमत का जादुई आंकड़ा पेश करना है. गौरतलब है की कर्नाटक विस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई है. पार्टी को 104 सीटे मिली है. लेकिन कांग्रेस 78 और जेडीएस 38 दोनो मिलकर 117 बहुमत का दावा पेश कर चुकी है.

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