मन की बात में पैगम्बर मोहम्मद साहब को लेकर पीएम मोदी ने कहीं ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को एक बार फिर से मन की बात की. यह इस कार्यक्रम का 43वां एपिसोड था. इस कार्यक्रम की शूरूआत में प्रधानमंत्री ने सबसे पहले राष्ट्रमंडल खेल में पदक जीतने वाले खिलाड़ियो को बधाई देते हुए कहा की हमारे खिलाड़ियो ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. उनकी ये सफलता हर भारतीय को गर्व दिलाती है.
पीएम मोदी ने कहा की पदक जीतना खिलाड़ियो के लिए जहां ख्रुशी बात होती है वही समस्त देशवासियों लिये गौरव की भी बात होती है. राष्ट्रमंडल में भाग लेने वाले सभी एथलिट्स की प्रशंसा करते हुए पीएम मोदी ने कहा की खेलो में भाग लेने वाले एथलिट्स देश के अलग अलग भागो, छोटे—बड़े गांच शहरो से कई बड़ी बांधाऔ को पार करते हुए यहां तक पहुचे है. इन्होने देश का सम्मान बढाया है.
प्रधानमंत्री ने पैगम्बर मोहम्मद साहब को लेकर भी बात कहीं. उन्होने कहा की पैगम्बर मोहम्मद साहब कहते है की अहंकार ज्ञान को पराजित करता है. पीएम ने कहा की कुछ ही दिनो बाद रमज़ान का पवित्र महीना शूरू होने जा रहा है. यह महीना पूरी दुनिया में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है. रमजान के महीने का सार सार समझाते हुए उन्होंने कहा कि जब इंसान खुद भूखा होता है तो उसको दूसरों की भूख का भी एहसास होता है। जब वो खुद प्यासा होता है, तो दूसरों की प्यास का उसे एहसास होता है.
पीएम ने पैगम्बर मोहम्मद साहब की शिक्षा और उनके संदेशो को याद करते हुए कहा एक बार एक इंसान ने पैगम्बर से पूछा की इस्लाम में कौन सा कार्य सबसे अच्छा है ? तो मोहम्म्द साहब ने जवाब दिया की — किसी गरीब और जरूरतमंद को खिलाना और सभी से सदभाव से मिलना चाहे आप उन्हे जानते हो या न जानते हो. पीएम मोदी ने कहा की पैगम्बर मोहम्मद साहब का मानना था कि अगर आपके पास कोई भी चीज आपकी आवश्यकता से अधिक है, तो आप उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दें, इसीलिए रमज़ान में दान का भी काफी महत्व है।
गौरतलब है की प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड 3 अक्टूबर 2014 को प्रसारित किया गया था. तब से यह लगातार प्रसारित हो रहा है.
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