हिन्दु मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल बना उत्तर प्रदेश यह गांव, एक हीं नीव पर टिके है मंदिर मस्जिद

न ही फर्क एक तिनके का भी न ही खून का रंग कुछ और है
बस फर्क ये की किसी को लोग हिन्दू, तो किसी को मुसलमान कहते है
देश में भर में अपनी राजनितिक रोटिंयां सेकने के लिए हिन्दु मुस्लिम के नाम का अलाप बजाने वाले असमाजिक तत्वो को यह खबर ठेंका दिखाती है. जब देश में राजनितिक समीकरण बदलने के लिए माहौल को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही हो. ऐसे में उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले गांव देहरी हिन्दू—मुस्लिम की एकता की मिसाल के रूप में उभर कर सामने आता है.
शंख और अजांन की गूंज एक साथ गूंजती है
हापुड़ के देहरी गांव के मौहल्ला मिरचियान हिन्दु मुस्लिम के भाईचारे औ सौहादर्य की मिसाल सदियो से चली आ रही है. यहां शंख और अजान की आवाज एक साथ सुनाई देती है.
एक नींव पर टिके है मंदिर मस्जिद
जानकर हैरानी होगी की इस गांव में बने मंदिर और मस्जिद एक ही नींव पर टिके है. आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए नमाज के वक्त मंदिर में आरती नहीं होती है और आरती के वक्त मस्जिद का लाउड स्पीकर बंद रहता है.
मौलवी और पुजारी है एक दुसरे के सुख दुख के साथी
करीब 95 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इस गांव मौजूद मजिस्द के मौलवी शौकीन अली व पुजारी श्याम दास में देखने को मिलता है. दोनों हमेसा आपस में एक दूसरे का सुख व दुख बांटते हैं. गांव वालो के अनुसार इस गांव में आज कभी भी सांप्रदियक माहौल देखने को नहीं मिला.
एक तरफ जहां प्रदेश में अयोध्या में मंदिर—मस्जिद को सियासतदारो ने आम जन की सोच को साम्प्रदायिक जामा पहनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है तो वहीं दुसरी ओर एक नीवं पर टिके देहरी गांव के के ये मंदिर मस्जिद इन्हे आईना दिखा रहें . आखिर में चलते चलते अज्ञात की कुछ पंक्तियां लिख रहा हूं..!
तुम राम कहो, वो रहीम कहें,
दोनों की ग़रज़ अल्लाह से है।
तुम दीन कहो, वो धर्म कहें,
मंशा तो उसी की राह से है।
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