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इस भारतीय गेंदबाज के नाम दर्ज है बल्लेबाजी का ऐसा रिकॉर्ड जिसे पिछले 17 साल से नहीं तोड़ पाया कोई



दुनिया टुडे : क्रिकेट की पहचान केवल रोमांचक खेल से ही नहीं बल्कि उसके अनोखे रिकॉर्ड के कारण भी होती है. क्रिकेट जगत में आये दिन नये पुराने रिकॉर्ड बनते टूटते है. इन्ही रिकॉर्डो में कुछ ऐसे भी होते है जो सुनने में बेहद अटपटे लगते है. मिसाल के तौर पर शेन वार्न की गिनती दुनिया के सबसे महानतम गेंदबाजो में होती है जबकि जयसूर्या की बल्लेबाजो में लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की वनडे क्रिकेट में जयसूर्या के नाम शेन वार्न से ज्यादा विकेट है. आज हम जिस रिकॉर्ड के बारे में बात कर रहें है वह भी कुछ ऐसा ही है.

यह रिकॉर्ड है सबसे तेज अर्द्धशतकीय पारी का. विश्व क्रिकेट के इतिहास में एकदिवसीय मैच में सबसे तेज अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड द. अफ्रीका के एबी डिविलयर्स के नाम है. जिन्होने 2015 में वेस्टइंडीज के विरूद्ध मात्र 16 गेंदो पर अर्द्धशतक बनाया था. लेकिन क्या आप है जानते है भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड किस बल्लेबाज के नाम है. विचार कीजिए यकीन सहवाग, कोहली, धौनी, युवराज आदि नाम ही आपके ज़हन में आयेगे. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा की ये रिकॉर्ड किसी पेशेवर बल्लेबाज के नाम है ही नहीं.

दरअसल वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से सबसे तेज अर्द्धशतक लगाने का रिकॉर्ड एक गेंदबाज के नाम है. और उस गेंदबाज का नाम है — अजित अगरकर. अजित अगरकर की गिनती भारत के प्रभावशाली गेंदबाजो में होती है. हांलकी उन्होने कई बार मौका पड़ने पर आनी बल्लेबाजी से भी प्रभावित किया है. ऐसा ही कुछ उन्होने 14 दिसंबर 2000 को जिम्बाव्बे के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान करके दिखाया. अजित अगरकर ने इस मैच में 39 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी के दौरान एक बेहद शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किया. उन्होने इस पारी के दौरान महज 21 गेंदो पर ही अर्द्धशतक जमा डाला. जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्द्धशतक है. अपनी इस पारी के दौरान अगरकर ने  7 चौके और 4 छक्के भी जड़े थे.

अगरकर 21 गेंदो पर अर्द्धशतक लगाकर कपिल देव का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था. जो उन्होने 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 22 गेंदों में अर्द्धशतक लगाकर बनाया था. वैसे अजित अगरकर के इस रिकॉर्ड को बने हुए भी लगभग 17 साल बीत चुके है. लेकिन आज तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज यह नहीं तोड़ पाया है. भारत की तरफ से वीरेन्द्र सहवाग 2001 में केन्या के खिलाफ 22 गेंद तथा युवराज सिंह 2004 में बंगलादेश के खिलाफ 22 गेंदो पर अर्द्धशतक लगा चुके है.

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