कभी आइपीएल में स्टार गेंदबाज रहा था ये खिलाड़ी आज खेतों में काम करने को है मजबूर

किसी शायर ने खूब कहा ''हर किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता किसी को जमीं तो किसी को आसमां नहीं मिलता '' ये पंक्तियां आज हम जिस बड़े सितारे के बारे में बात कर हैं उस पर बिल्कुल फिट बैठती है । ये खिलाड़ी भी कभी आईपीएल का स्टार क्रिकेटर माना जाता था । लेकिन आज खेतों में काम करने को मजबूर है ।
2009 का आईपीएल तो आपको याद ही होगा , राजस्थान रॉयल इस सीजन की सबसे चर्चित टीम में से एक थी क्योंकि इससे पहले 2008 के सीजन कि यह टीम विजेता टीम थी। इस टीम का ही एक गेदबाज जो उस वक्त चर्चा में आया था वह था कामरान खान ।
बिना रणजी खेले हुआ सेलेक्शन
कामरान खान उन गेंदबाजो में शुमार था जो बिना कोई रणजी मैच खेले सीधे आईपीएल के लिये सेलेक्ट किया गया था। एक ट्रायल के दौरान कामरान ने अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया था। जिसके बाद राजस्थान रॉयल के कप्तान शेर्न वार्न ने उन्हे टीम में जगह दे दी थी। शेर्न को कामरान खान पर बेहद भरोसा था , और कामरान उनके भरोसे पर खरे उतरे ।
जब रातो रात बन गये स्टार गेंदबाज
एक मैच के दौरान शेन वार्न ने उन्हे सुपर ओवर की गेंदबाजी का जिम्मा दिया , सामने क्रिस गेल जैसा धाकड़ बल्लेबाज था । लेकिन कामरान ने गेल को आउट करके मैच जीता दिया , जिसके बाद वे रातो रात स्टार बन गये ।
टेनिस की बॉल से करते थे प्रैक्टिस
बेहद गरीब घर से ताल्लुक रखने वाले कामरान टेनिस बाल से प्रैक्टिस किया करते थे। कई बार भूखे रहने की नौबत आ जाती थी। कामरान अक्सर चाय के साथ बिस्कुट खाकर गुजारा करते थे। कई बार वे पटरियों पर भी सोए हैं।
तीन साल में बन गऐ स्टार और फिर ....
कामरान महज तीन साल के भीतर ही आईपीएल जैसी बड़ी क्रिकेट लीग तक पहुंच गये। लेकिन वे सिर्फ 2012 तक ही खेल सके । अपने एक्शन की वजह से उन्हे अपने करियर से हाथ धोना पड़ा। आखिरी बार वह पुणे की टीम का हिस्सा रहें लेकिन यह कहकर टीम से बहार कर दिया गया टीम को उनकी कोई जरूरत नहीं है।
भाई के साथ खेती करते हैं
कामरान का बड़ा क्रिकेटर बनने का सपना अभी भी कायम है वे सुबह और शाम को प्रैक्टिस करते है तथा दोपहर को भाई के साथ खेतों पर काम करते है ।
शेर्न वार्न जताई थी हैरानी
जब कामरान की इस हालत के बारे में शेर्न वार्न को पता चला तो उन्होने इस पर हैरानी प्रकट करते हुऐ कहा था मेरे हिसास से एक प्रतिभा को बर्बाद किया जा रहा है , उम्मीद है तुम ठीक होगें दोस्त। आईपीएल का मकसद था युवा भारतीय खिलाड़ियो की मदद करना और उन्हे इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ अनुभव दिलाना । यदि सब लोग पैसा बना रहे है तो खिलाड़ियो के साथ ऐसा ही होना चाहिये ।
शेर्न वार्न कामरान को भविष्य का सितारा मानते थे , लेकिन ये सितारा चमकने से पहले ही ग्रहण में आ गया । सिर्फ कामरान ही नहीं बल्कि ना जाने कितने ही ऐसे प्रतिभावान उस मुकाम से महरूम रह जाते है जहां उन्हे होना चाहिये । आईपीएल ने कितनो की किस्मत बदली लेकिन ना जाने कितने ही कामरान ऐसे ही बिखर जाते हैं ।
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