तीन तलाक बिल पर लोकसभा में बोले एमजे अकबर 'सच्चा मुसलमान कभी नहीं मानेगा कि इस्लाम खतरे में है '
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर ने लोकसभा में तीन तलाक पर बहस के दौरान कहा कि 'इस्लाम खतरे में नहीं' है बल्कि कुछ कट्टर मर्दों की जबरदस्ती खतरे में है।
एम जे अकबर ने कहा कि मैं मुसलमान होने के नाते बोल रहा हूं. यह जहर फैलाया जा रहा है कि इस्लाम खतरे में हैं. उन्होंने कहा कि कुछ भी खतरे में नहीं है बस कुछ मुसलमान मर्दों की जबर्दस्ती खतरे में है. सच्चा मुसलमान कभी नहीं मानेगा कि इस्लाम खतरे में है. उन्होने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की क्या विश्वसनीयता है? किसने उन्हें मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में चुना।
उन्होंने कहा, ''हम शरीया की बात करते हैं, शरीया का कोई कानून नहीं है. इसका मतलब रास्ता है. कानून में बदलाव हो सकते हैं, लोगों की भलाई के लिए कानून में बदलाव किया जाना चाहिए. कुरान में साफ मना किया गया है कि खुदा का नाम लेकर औरतों पर जुल्म नहीं करेंगे लेकिन 1400 साल बाद भी कुछ लोग जाहिल हैं और जाहिल ही रहेंगे.'
गौरतलब है कि भारत सरकार एक साथ तीन तलाक पत्नि को छोड़ने वाले पति के खिलाफ कानून बनाने जा रही है। भारत सरकार के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कानून का मसौदा (विधेयक) गुरूवा को संसद में पेश किया था।

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