Header Ads

मुस्तफा खान शिफवा के क्रान्तिकारी जज्बे की निशानी है मेरठ का मुस्तफा कैंसल



मेरठ जनपद के कैन्ट इलाके की वेस्ट एंड कचहरी रोड स्थित एक असाधारण सी दिखने वाली भव्य इमारत मुस्तफा कैसल, कैन्ट ही नही बल्कि पूरे मेरठ का आकर्षण केन्द्र कहा जाता है। इस इमारत के बाहर भव्य गार्डन व इस इमारत की कलाकृती इसे और भी खास बनाता है । यह केवल बाहर से ही नहीं बल्कि अन्दर से भी भव्य और ऐतिहासिक नजर आती है । मुस्तफा कैसल मे अब तक ना जाने कितनी ही हस्तिया आकर ठहर चुकी है । अजादी के समय महात्मा गॉधी,मौ0 अली जिन्नाह,मौ0 अबुल कलाम आजाद,सरोजनी नायडू,सरदार वल्लभ भाई पटेल,लियाकत अली खान, जैसी हस्तीयां यहॉ आकर ठहर चुकी है ।




निर्माण  – मुस्तफा कैसल का निर्माण 1896.-1900 मे नवाब इश्हाक खान ने कराया था । वे ब्रिटिश सरकार के समय न्यायधीश थे । उन्होने मुस्तफा कैसल का निर्माण अपने करीबी दोस्त मुस्तफा खान शिफवा के सम्मान मे कराया था। मुस्तफा खान शिफवा एक महान शायर व उर्दू भाषा के आलोचक थे । महान उर्दू शायर मिर्जा गालिब उनके करीबी थे । उनकी मॉ मुगल सेना के चीफ कमांडर की बेटी थी । मुगल सेना के आत्म सर्मपण करने के बाद उन्होने ब्रिटिश सरकार के विरूद्व लड़ाई जारी रखी। 1857 की पहली क्रान्ति के दौरान उन्होने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ बगावत की। बगावत के जुर्म मे फिरंगी सरकार ने उन्हे सात साल कैद की सजा सुनाई । मुस्तफा के क्रान्तिकारी जज्बे से प्रभावित होकर नवाब इसहाक खान ने उनके सम्मान मे इसका निर्माण कराया था। मुस्तफा कैसल का निर्माण लगभग 40 हजार वर्ग गज जमीन मे कराया गया ।
    इसे नवाब इसहाक खान ने स्वंय डिजाइन किया था। अद्वितीय दिखने वाली इस इमारत को बनाने मे उस समय 15 लाख का खर्च आया था। इसे नवाब कोठी भी कहा जाता है । इमारत के अन्दर रखा समान फनीचर,दरवाजे,दर्पण,टेबल,दीवर घडी आपको उस समय की कल्पना करने पर मजबूर कर सकता है।

No comments

Powered by Blogger.