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शर्मनाक : 200 रूपये रोजाना दिहाड़ी पर जूता फैक्ट्री में काम करने को मजबूर दिव्यांग क्रिकेटर , राष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुका है प्रतिभा का हुनर




नोएडा । राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को हुनर दिखा चुके दिव्यांग क्रिकेटर राजा बाबू इन दिनो अजीविका चलाने के लिऐ नोएडा की एक फैक्टरी में जूते बनाने के लिए मज़बूर है । क्रिकेट का शौक , जूनून और मेहनत ने राजा बाबू को एक बेहतरीन क्रिकेटर तो बना दिया । लेकिन परिवार की गुजर बसर के लिए मजदूरी करने की नौबत आ गई । राजाबाबू इन दिनो 200 रूपये रोजाना दिहाड़ी पर काम करते है । जो सरकार द्वारा निर्धारित दैनिक न्यूनतम मज़दूरी से भी कम है ।

    दिव्यांग क्रिकेटर राजाबाबू उत्तर प्रदेश और राजस्थान की क्रिकेट टीम के लिए बतौर ओपनर बल्लेबाज खेल चुके है । 2013 में एक जिलास्तरीय प्रतियोगिता में राजा बाबू ने 270 रनो की मैराथन पारी खेली थी । इसके अलावा वह कानपुर में हुऐ एक टूर्नामेंट में उन्होने 18 छक्को की मद्द से 35 गेंदो पर सैकड़ा जमाया था ।

    26 वर्षीय राजाबाबू ने बताया की उनके पिता रेलवे के डी क्लास कर्मचारी थे । एक दिन स्कूल से लौटने की जल्दी में रेलवे ट्रेक क्रास करते समय उन्हे अपना बायां पैर गवांना पड़ा था । राजा बाबू को बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकार अलग अलग मौको पर सम्मानित कर चुकी है । इसके अलावा 2015 में गुजरात में उड़ान टूर्नामेंट में उन्हे बेस्ट क्रिकेटर का खिताब मिला था ।

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