जब फकीर ने बालक रफी को कहा 'बेटा तू एक दिन बहुत बड़ा गायक बनेगा'
सुर सम्राट मोहम्मद रफी को कौन नहीं जानता । अपनी बेहतरीन गायकी के लिये पहचाने जाने वाले मोहम्मद रफी का आज 93 वा जन्मदिन है । आइये जानते है उनसे जुड़ी कुछ खास अनसुनी बातें —
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लग गई फकीर की दुआ
रफ़ी साहब का जन्म 24 दिसम्बर 1924 को अमृतसर, के पास कोटला सुल्तान सिंह में हुआ था। कहा जाता है कि रफ़ी जब सात साल के थे तो वे अपने बड़े भाई की दुकान से होकर गुजरने वाले एक फकीर का पीछा किया करते थे जो उधर से गाते हुए जाया करता था। उसकी आवाज रफ़ी को पसन्द आई और रफ़ी उसकी नकल किया करते थे। फकीर ने जब बालक रफी को अपनी नकल करते देखा तो उसने कहा 'बेटा तू एक दिन बहुत बड़ा गायक बनेगा' शायद उस फकीर की दुआ रफी को लग गई ।
भीकू था बचपन का नाम
मोहम्मद रफी के बचपन का नाम 'भीकू' था । उनकी अम्मी उन्हे इसी नाम से पुकारती थी।
इस गाने की रिहर्सल के दौरान जब गले से आने लगा था खून
कहते है रफी सहाब की आवाज इतनी सुरीली थी नगमो में साज की जरूरत ही नहीं होती थी। लेकिन एक गाना उनके लिये इतना चुनौतीपूर्ण रहा था कि उसे गाने के बाद उनके गले से खून तक आने लगा था । वह गाना था फिल्म बैजू बावरा का 'औ दुनिया के रखवाले' ।
नहीं लिया मेहनताना
रफी साहब के बारे में एक किस्सा संगीतकार नौशाद साहब यूं बयां करते है की एक गाने 'जिस रात के ख्वाब आये' की रिकॉर्डिग के समय रफी साहब इतने भावुक हो गये की उन्होने मुझे गले से लगा लिया । कहा की यह गीत उनके दिल को छु गया है । और फिर इस गाने का उन्होने कोई मेहनताना नहीं लिया ।
नहीं चाहते थे रॉयलटी
सत्तर के दशक में रफी साहब और लता मगेंशकर के बीच अनबन का कारण 'रॉयलटी' था । दरअसल लता गाने की रॉयलटी के पक्ष में थी , जबकि रफी साहाब का मानना था कि एक बार गाना गाने के बाद मेहनताना मिल गया तो फिर उसकी कमाई पर गायक का कोई हक नहीं ।

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